आँकड़े कैसे पढ़ें
कुल CO₂ सबसे ज़्यादा चीन छोड़ता है, दुनिया का लगभग एक-तिहाई। चारों में प्रति व्यक्ति सबसे ज़्यादा अमेरिका छोड़ता है। भारत कुल में तीसरे स्थान पर है, पर उसका प्रति व्यक्ति CO₂ अमेरिका का लगभग छठा हिस्सा है और दुनिया के औसत के आधे से कम।
चीन और भारत में सबसे बड़ा अकेला स्रोत कोयला है, ज़्यादातर बिजली और स्टील के लिए। अमेरिका और EU में तेल पहले आता है, ज़्यादातर परिवहन के लिए।
ये क्षेत्रीय उत्सर्जन हैं: हर क्षेत्र के भीतर छोड़ा गया CO₂। चीन में बनी और यूरोप या अमेरिका में इस्तेमाल हुई चीज़ें चीन में गिनी जाती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
EU का उत्सर्जन क्यों घट रहा है?
कोयले की बिजली की जगह पवन, सौर और गैस ने ले ली है, और उत्पादन की हर इकाई पर कम ऊर्जा लगती है। उसकी बिजली अब लगभग आधी नवीकरणीय है।
क्या भारत का उत्सर्जन बढ़ रहा है?
हाँ, जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था और बिजली का उपयोग बढ़ रहा है। सौर और पवन भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं, और 2025 में इन्होंने बिजली में कोयले का हिस्सा घटाया।
क्या इसमें मीथेन और खेती का उत्सर्जन शामिल है?
नहीं, केवल जीवाश्म ईंधनों और सीमेंट का CO₂। दूसरी ग्रीनहाउस गैसें भारत के लिए लगभग एक-तिहाई और चीन के लिए लगभग छठा हिस्सा और जोड़ती हैं।
स्रोत
- Global Carbon Project via Our World in Data ↗ – देश और ईंधन के अनुसार CO₂, Global Carbon Budget 2025
- Ember and Energy Institute via Our World in Data ↗ – स्रोत के अनुसार बिजली उत्पादन और कार्बन तीव्रता
- World Steel Association ↗ – CO₂ में स्टील का हिस्सा
- Chatham House ↗ – CO₂ में सीमेंट का हिस्सा