मोटर बीमा के प्रकार
- थर्ड-पार्टी: क़ानून से ज़रूरी। दूसरों को चोट या उनकी संपत्ति के नुक़सान का भुगतान करता है। आपके अपने वाहन को कवर नहीं करता।
- ओन डैमेज: आपके अपने वाहन को दुर्घटना, चोरी, आग और बाढ़ से कवर करता है। अगर आपके पास पहले से थर्ड-पार्टी कवर है तो अलग से ख़रीदा जा सकता है।
- कॉम्प्रिहेंसिव: थर्ड-पार्टी और ओन डैमेज, दोनों एक ही पॉलिसी में।
कोटेशन की तुलना करते समय जानने लायक शब्द
- IDV (इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू): वाहन चोरी होने या पूरी तरह बर्बाद होने पर बीमा कंपनी ज़्यादा से ज़्यादा जितना देती है, लगभग उसकी मौजूदा बाज़ार क़ीमत। बहुत कम IDV से प्रीमियम सस्ता होता है लेकिन कवर कमज़ोर।
- नो क्लेम बोनस (NCB): हर बिना क्लेम वाले साल पर ओन-डैमेज प्रीमियम में छूट, जो 20% से बढ़कर पाँच साल बाद 50% हो जाती है। यह वाहन का नहीं, आपका है, इसलिए आप इसे अपने अगले वाहन पर ले जा सकते हैं।
- ऐड-ऑन: ज़ीरो डेप्रिसिएशन, इंजन प्रोटेक्शन और रोडसाइड असिस्टेंस जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ। नए वाहनों के लिए उपयोगी; हर एक का दाम देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या थर्ड-पार्टी बीमा काफ़ी है?
यह क़ानूनी न्यूनतम है। यह आपके अपने वाहन के नुक़सान का भुगतान नहीं करता, इसलिए नए या लोन पर लिए वाहन वाले ज़्यादातर लोग कॉम्प्रिहेंसिव कवर लेते हैं।
बिना बीमा के गाड़ी चलाने पर कितना जुर्माना है?
मोटर वाहन अधिनियम के तहत पहली बार ₹2,000 और/या तीन महीने तक की जेल, और दोबारा ग़लती पर ₹4,000।
मैं कैसे जाँचूँ कि मेरा वाहन बीमा वैध है?
ऊपर दिए वाहन नागरिक सेवाओं के लिंक पर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें, या mParivahan ऐप इस्तेमाल करें। आपकी पॉलिसी में भी आख़िरी तारीख़ लिखी होती है।