यह कैसे निकाला जाता है
भारत के ज़्यादातर हिस्सों में रूफ़टॉप सोलर का हर kW दिन में लगभग 4 यूनिट बनाता है, यानी साल में लगभग 1,400–1,500 यूनिट। सुझाया गया साइज़ आपके मासिक इस्तेमाल को पूरा करता है।
PM सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना के तहत घरों को पहले 2 kW के लिए ₹30,000 प्रति kW और तीसरे kW के लिए ₹18,000 की केंद्रीय सब्सिडी मिलती है, यानी 3 kW या उससे ज़्यादा पर ₹78,000 तक। कुछ राज्य अपनी सब्सिडी भी जोड़ते हैं। आवेदन राष्ट्रीय पोर्टल पर होता है और रजिस्टर्ड वेंडर से ही लगवाना होता है।
बचत नेट मीटरिंग मानकर निकाली गई है, यानी आप जो यूनिट ग्रिड को देते हैं वे ग्रिड से ली गई यूनिट में घट जाती हैं। पैनल हर साल लगभग 0.5% कम बिजली बनाते हैं, जिसे यह अनुमान 25 साल के लिए जोड़ता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुझे छत पर कितनी जगह चाहिए?
हर kW के लिए लगभग 80–100 वर्ग फुट छाया-रहित छत।
क्या मानसून में सोलर काम करता है?
बादल वाले दिनों में बिजली कम बनती है, लेकिन पूरे साल का औसत आपके डाले गए प्रति दिन यूनिट के बराबर आता है।
क्या मुझे बैटरी चाहिए?
ऑन-ग्रिड नेट-मीटर वाले सिस्टम में नहीं। बैटरी से लागत बढ़ती है और वह सिर्फ़ तब चाहिए जब आप बिजली कटने पर भी बिजली चाहते हों।
स्रोत
- PM सूर्य घर ↗ – राष्ट्रीय पोर्टल और सब्सिडी के नियम