उपकरण का ख़र्च कैसे निकाला जाता है
यूनिट (kWh) = वॉट × इस्तेमाल के घंटे × उपकरणों की संख्या ÷ 1,000। मासिक ख़र्च = 30 दिन की यूनिट × आपकी प्रति यूनिट दर।
भारत में बिजली की दरें स्लैब में होती हैं: महीने की पहली यूनिट सस्ती होती हैं और ज़्यादा इस्तेमाल पर दर बढ़ती है, साथ में फ़िक्स्ड चार्ज और बिजली शुल्क भी लगता है। इसलिए सबसे अच्छी दर आपकी अपनी है: पिछले बिल की कुल रक़म ÷ ख़र्च हुई यूनिट। यहाँ राज्यों के आँकड़े आम घर के लिए अनुमानित औसत हैं और हर साल राज्य आयोग के नए टैरिफ़ ऑर्डर के साथ बदलते हैं।
सबसे बड़ी बचत
- AC को 24–26 °C पर रखें; हर एक डिग्री ज़्यादा पर लगभग 6% कम बिजली लगती है। गर्मियों में हर दो हफ़्ते फ़िल्टर साफ़ करें।
- टाइमर वाला गीज़र, या इस्तेमाल के बाद बंद किया गया गीज़र, साल में कई सौ यूनिट बचा सकता है।
- BEE 5-स्टार उपकरण 3-स्टार वालों से लगभग 20–30% कम बिजली लेते हैं; सालाना यूनिट स्टार लेबल पर छपी होती हैं।
- पुरानी 40 W ट्यूबलाइट की जगह 18–20 W की LED बैटन लगाने से लाइट का बिल आधा हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरा बिल इससे ज़्यादा क्यों है?
आपके बिल में फ़िक्स्ड चार्ज, बिजली शुल्क और फ़्यूल सरचार्ज जुड़ते हैं, और ऊँचे स्लैब में प्रति यूनिट दर ज़्यादा होती है। ज़्यादा सटीक अनुमान के लिए बिल की रक़म ÷ यूनिट को दर के रूप में डालें।
1.5 टन का AC कितनी यूनिट लेता है?
आम 3-स्टार नॉन-इन्वर्टर AC घंटे में लगभग 1.2–1.6 यूनिट, और कमरा ठंडा होने के बाद 5-स्टार इन्वर्टर AC लगभग 0.8–1.1 यूनिट।
क्या फ़्रिज पूरे दिन चलता है?
वह पूरे दिन चालू रहता है लेकिन कंप्रेसर सिर्फ़ कुछ समय चलता है। डबल-डोर फ़्रिज दिन में लगभग 0.8–1.2 यूनिट लेता है; लेबल पर साल की यूनिट लिखी होती हैं।