चक्रवृद्धि ब्याज कैसे काम करता है
हर बार ब्याज जुड़ने पर अगला ब्याज बड़ी राशि पर निकाला जाता है, इसलिए पैसा हर साल तेज़ी से बढ़ता है। राशि = मूलधन × (1 + दर ÷ n)n × साल, जहाँ n यह है कि साल में कितनी बार ब्याज जुड़ता है।
ब्याज जितनी बार ज़्यादा जुड़ता है, कमाई उतनी थोड़ी ज़्यादा होती है: हर तिमाही जुड़ने वाला 8% लगभग 8.24% सालाना के बराबर है। ज़्यादातर भारतीय बैंकों की फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में ब्याज हर तिमाही जुड़ता है।
72 का नियम: 72 को ब्याज दर से भाग दें, तो मोटे तौर पर पता चलता है कि पैसा दोगुना होने में कितने साल लगेंगे। 8% पर लगभग 9 साल।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
साधारण या चक्रवृद्धि ब्याज?
साधारण ब्याज केवल जमा किए गए पैसे पर मिलता है। चक्रवृद्धि ब्याज पहले से मिले ब्याज पर भी मिलता है, इसलिए पैसा जितना ज़्यादा समय रखें, उतना तेज़ बढ़ता है।
क्या FD के ब्याज पर टैक्स लगता है?
हाँ, आपके इनकम-टैक्स स्लैब की दर से, हर साल जैसे-जैसे ब्याज बनता है, भले वह आपको मैच्योरिटी पर ही मिले। एक सीमा से ऊपर बैंक TDS काटते हैं। आपके हाथ में कितना बचेगा, यह देखने के लिए अपना स्लैब डालें।
ब्याज मासिक चक्रवृद्धि कहाँ होता है?
कुछ रेकरिंग डिपॉज़िट, बचत योजनाओं और ज़्यादातर लोन में। लोन में यही चक्रवृद्धि आपके ख़िलाफ़ काम करती है।